वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2025 में शिक्षा क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण सुधारों की घोषणा की है। इन सुधारों का उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देना, और छात्रों के लिए नए अवसर प्रदान करना है।
Image: Pexelsसरकार ने ₹100 करोड़ के निवेश से कृत्रिम बुद्धिमत्ता में उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने की योजना बनाई है, जिससे इस क्षेत्र में अनुसंधान और विकास को बढ़ावा मिलेगा।
अगले वर्ष से मेडिकल कॉलेजों में 10,000 नई सीटें जोड़ी जाएंगी, जिससे चिकित्सा शिक्षा में अधिक छात्रों को अवसर मिल सकेगा।
युवाओं को वैश्विक अवसरों के लिए तैयार करने हेतु 5 राष्ट्रीय कौशल उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जो उन्हें आवश्यक कौशल प्रदान करेंगे।
2015 के बाद स्थापित आईआईटी में बुनियादी ढांचे का विस्तार किया जाएगा, जिससे 6,500 से अधिक नए छात्रों को प्रवेश मिल सकेगा।
शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए ₹500 करोड़ की लागत से एक उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया जाएगा।
स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने मौजूदा ₹10,000 करोड़ के अतिरिक्त ₹10,000 करोड़ की नई फंडिंग की घोषणा की है।
बिहार में एक राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी संस्थान की स्थापना की जाएगी, जो उद्यमिता के विकास और किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होगा।