क्या आप जानते हैं कि सैनिक स्कूल और मिलिट्री स्कूल में क्या अंतर है? आइए जानते हैं इन दोनों संस्थानों की खासियतें।
सैनिक स्कूल:1961 में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के लिए छात्रों को तैयार करने के उद्देश्य से स्थापित किए गए।
मिलिट्री स्कूल:"किंग्स जॉर्ज मिलिट्री स्कूल" के रूप में स्थापित हुए, भारतीय सेना में छात्रों की भर्ती के लिए।
सैनिक स्कूल: रक्षा मंत्रालय के अधीन सैनिक स्कूल सोसाइटी द्वारा संचालित।
मिलिट्री स्कूल: भारतीय सेना द्वारा सीधे संचालित।
सैनिक स्कूल: छठी और नवीं कक्षा में प्रवेश, ऑल इंडिया सैनिक स्कूल एंट्रेंस एग्जाम (AISSEE) द्वारा।
मिलिट्री स्कूल: छठी कक्षा में प्रवेश, राष्ट्रीय सैन्य स्कूल प्रवेश परीक्षा (RMS CET) द्वारा।
दोनों स्कूल CBSE पाठ्यक्रम को फॉलो करते हैं, लेकिन मिलिट्री स्कूलों में अधिक अनुशासन और सैन्य प्रशिक्षण दिया जाता है।
सैनिक स्कूल में खेलकूद और NCC गतिविधियों पर अधिक जोर दिया जाता है।
सैनिक स्कूल: अधिकतर छात्र NDA, INA और अन्य रक्षा सेवाओं में जाते हैं।
मिलिट्री स्कूल: सेना के लिए विशेष रूप से तैयार किए जाते हैं, लेकिन अन्य क्षेत्रों में भी जा सकते हैं।
सैनिक स्कूल: राज्य सरकारें सब्सिडी देती हैं, फीस कम होती है।
मिलिट्री स्कूल: फीस थोड़ी अधिक होती है, लेकिन स्कॉलरशिप मिलती है।
सैनिक स्कूल: पूरे भारत में 33+ सैनिक स्कूल।मिलिट्री स्कूल: केवल 5 राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल (RMS)।
सैनिक स्कूल NDA के लिए तैयारी करता है, जबकि मिलिट्री स्कूल सेना में सीधे भर्ती के लिए।
सैनिक स्कूल राज्य सरकारों की मदद से चलते हैं, जबकि मिलिट्री स्कूल पूरी तरह रक्षा मंत्रालय के तहत आते हैं।
यदि आपका सपना NDA में जाना है तो सैनिक स्कूल सही रहेगा। अगर आप अनुशासित सैन्य जीवन पसंद करते हैं, तो मिलिट्री स्कूल बेहतर विकल्प हो सकता है।