नई शिक्षा नीति (NEP 2020) भारतीय शिक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव लाने के लिए बनाई गई है। इसका उद्देश्य शिक्षा को अधिक समावेशी, लचीला और वैश्विक स्तर का बनाना है।
नई नीति के तहत अब शिक्षा प्रणाली को चार चरणों में बांटा गया है:
फाउंडेशनल (3-8 वर्ष)
प्रिपरेटरी (8-11 वर्ष)
मिडिल (11-14 वर्ष)
सेकेंडरी (14-18 वर्ष)
बोर्ड परीक्षाओं को कम रटने वाला और ज्यादा विश्लेषणात्मक बनाया गया है। अब बच्चे अपने रुचि के अनुसार विषय चुन सकते हैं।
ऑनलाइन लर्निंग को प्रोत्साहित किया गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र भी अच्छी शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं।
कक्षा 6 से ही बच्चों को कौशल विकास और व्यावसायिक शिक्षा दी जाएगी, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें।
स्नातक पाठ्यक्रम को 3 या 4 साल का बनाया गया है।
मल्टीपल एंट्री-एग्जिट सिस्टम लागू किया गया है।एकल नियामक संस्था (HECI) बनाई गई है।
कक्षा 5 तक मातृभाषा या क्षेत्रीय भाषा में पढ़ाई करवाने की सिफारिश की गई है, जिससे बच्चों की समझ और सीखने की क्षमता बढ़ेगी।
नई शिक्षा नीति 2020 से भारतीय शिक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव आने वाला है। यह छात्रों को अधिक स्वतंत्रता, कौशल विकास और रोजग