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    शेफ कैसे बनें (Chef Kaise Bane) - कोर्स, योग्यता, फीस, सैलरी और करियर

    शेफ कैसे बनें (Chef Kaise Bane) - कोर्स, योग्यता, फीस, सैलरी और करियर

    Mithilesh KumarUpdated on 09 Sep 2026, 12:42 PM IST

    शेफ कैसे बनें (Chef Kaise Bane) : खाना बनाने और नई-नई डिश तैयार करने में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों के लिए शेफ बनना एक अच्छा करियर विकल्प हो सकता है। होटल, रेस्टोरेंट, कैफे, रिसॉर्ट, क्रूज शिप, एयरलाइन कैटरिंग और अन्य हॉस्पिटैलिटी संस्थानों में प्रशिक्षित शेफ के लिए करियर के अवसर उपलब्ध होते हैं। 10वीं या 12वीं के बाद विद्यार्थी होटल मैनेजमेंट, फूड प्रोडक्शन या क्यूलिनरी आर्ट्स से जुड़े कोर्स करके शेफ बनने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।

    This Story also Contains

    1. शेफ कौन होता है? (chef kon hota hai)
    2. प्रोफेशनल शेफ कैसे बनें (Professional Chef Kaise Bane?)
    3. शेफ बनने के लिए योग्यता
    4. शेफ बनने के लिए कौन-से कोर्स करें?
    5. शेफ बनने के लिए प्रमुख संस्थान
    6. शेफ बनने के लिए जरूरी स्किल्स
    7. शेफ के कितने प्रकार होते हैं?
    8. शेफ का क्या काम होता है?
    9. शेफ कहां काम कर सकते हैं?
    10. Chef Salary in India 2026: शेफ की सैलरी कितनी होती है?
    11. Fresher Chef की सैलरी कितनी होती है?
    12. शेफ की सैलरी को प्रभावित करने वाले कारक
    13. 5-स्टार होटल में शेफ की सैलरी
    शेफ कैसे बनें (Chef Kaise Bane) - कोर्स, योग्यता, फीस, सैलरी और करियर
    शेफ कैसे बनें (Chef Kaise Bane) - कोर्स, योग्यता, फीस, सैलरी और करियर

    शेफ बनने के लिए केवल खाना बनाना जानना पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को कुकिंग तकनीक, फूड सेफ्टी, किचन मैनेजमेंट, फूड प्रेजेंटेशन, टीमवर्क और टाइम मैनेजमेंट जैसे कौशल भी विकसित करने होते हैं।

    शेफ कौन होता है? (chef kon hota hai)

    शेफ एक प्रशिक्षित प्रोफेशनल होता है, जो किचन में भोजन तैयार करने के साथ-साथ उसकी गुणवत्ता, स्वाद और प्रस्तुति की देखरेख करता है। शेफ की जिम्मेदारियां उसके पद और अनुभव के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं।

    ये भी पढ़ें : 10वीं के बाद होटल मैनेजमेंट कैसे करें? कोर्स, योग्यता, फीस, कॉलेज और करियर

    प्रोफेशनल शेफ कैसे बनें (Professional Chef Kaise Bane?)

    प्रोफेशनल शेफ बनने के लिए कुकिंग की तकनीक सीखने के साथ प्रैक्टिकल अनुभव हासिल करना जरूरी है। 10वीं या 12वीं के बाद होटल मैनेजमेंट, फूड प्रोडक्शन या क्यूलिनरी आर्ट्स से जुड़े कोर्स किए जा सकते हैं।

    1. 10वीं या 12वीं पास करें

    10वीं के बाद विद्यार्थी डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स कर सकते हैं। वहीं, 12वीं के बाद होटल मैनेजमेंट, क्यूलिनरी आर्ट्स या फूड प्रोडक्शन से जुड़े डिग्री और डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश लिया जा सकता है।

    2. पाक कला (Culinary Arts) या होटल मैनेजमेंट कोर्स करें

    क्यूलिनरी आर्ट्स और फूड प्रोडक्शन से जुड़े कोर्स में कुकिंग तकनीक, भारतीय एवं अंतरराष्ट्रीय व्यंजन, बेकरी, पेस्ट्री, फूड सेफ्टी और किचन मैनेजमेंट की जानकारी दी जाती है।

    3. प्रैक्टिकल ट्रेनिंग लें

    शेफ बनने में प्रैक्टिकल अनुभव महत्वपूर्ण है। विद्यार्थी होटल, रेस्टोरेंट या रिसॉर्ट में इंटर्नशिप अथवा ट्रेनिंग के जरिए वास्तविक किचन का अनुभव प्राप्त कर सकते हैं।

    4. Commis Chef के रूप में शुरुआत करें

    कोर्स पूरा करने के बाद Commis Chef जैसे एंट्री-लेवल पद से करियर की शुरुआत की जा सकती है। इस दौरान अनुभवी शेफ के साथ काम करके कुकिंग और किचन ऑपरेशन की जानकारी हासिल होती है। Commis Chef को हिंदी में “सहायक शेफ” या “प्रशिक्षु शेफ” कहा जा सकता है। यह शेफ के करियर का शुरुआती स्तर का पद होता है। Commis Chef आमतौर पर वरिष्ठ शेफ के साथ काम करके खाना बनाने, किचन संचालन और फूड सेफ्टी का व्यावहारिक अनुभव हासिल करता है।

    5. अनुभव के साथ आगे बढ़ें

    अनुभव बढ़ने के साथ Chef de Partie, Sous Chef और Executive Chef जैसे पदों तक पहुंचने के अवसर मिल सकते हैं। अपनी रुचि के अनुसार Pastry Chef जैसी विशेषज्ञता भी चुनी जा सकती है। Chef de Partie (शेफ डी पार्टी) — विभागीय शेफ / सेक्शन शेफ। किचन के किसी एक विशेष सेक्शन की जिम्मेदारी संभालता है।

    Sous Chef (सू शेफ) — सहायक मुख्य शेफ। यह Executive Chef के बाद किचन का प्रमुख व्यक्ति होता है और दैनिक किचन संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

    Executive Chef (एग्जीक्यूटिव शेफ) — मुख्य शेफ / कार्यकारी शेफ। पूरे किचन, मेन्यू, स्टाफ और भोजन की गुणवत्ता की निगरानी करता है।

    ये भी पढ़ें : 12वीं के बाद मर्चेंट नेवी कैसे जॉइन करें? कोर्स, योग्यता, एग्जाम, फीस और सैलरी

    शेफ बनने के लिए योग्यता

    शेफ बनने के लिए शैक्षणिक योग्यता कोर्स और संस्थान के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। सामान्य तौर पर:

    • 10वीं पास विद्यार्थी डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स कर सकते हैं।

    • 12वीं पास विद्यार्थी डिग्री, डिप्लोमा या क्यूलिनरी आर्ट्स से जुड़े कोर्स कर सकते हैं।

    • कुछ संस्थानों में प्रवेश के लिए मेरिट या प्रवेश परीक्षा का प्रावधान हो सकता है।

    • खाना बनाने में रुचि, रचनात्मकता और धैर्य इस क्षेत्र में उपयोगी गुण हैं।

    शेफ बनने के लिए कौन-से कोर्स करें?

    कोर्स

    अवधि

    सर्टिफिकेट इन क्यूलिनरी आर्ट्स

    6 महीने–1 साल

    डिप्लोमा इन फूड प्रोडक्शन/क्यूलिनरी आर्ट्स

    1–2 साल

    बैचलर इन होटल मैनेजमेंट

    आमतौर पर 3–4 साल

    B.Sc. इन हॉस्पिटैलिटी/क्यूलिनरी संबंधित कोर्स

    3–4 साल

    कोर्स की अवधि, पात्रता और प्रवेश प्रक्रिया संबंधित संस्थान के अनुसार अलग हो सकती है।

    ये भी पढ़ें :

    12वीं के बाद निफ्ट में एडमिशन कैसे लें? जानें योग्यता, परीक्षा, काउंसलिंग और पूरी प्रक्रिया

    शेफ बनने के लिए प्रमुख संस्थान

    भारत में शेफ बनने के लिए विद्यार्थी होटल मैनेजमेंट, फूड प्रोडक्शन और पाक कला (Culinary Arts) से जुड़े कोर्स कर सकते हैं। इसके लिए कुछ प्रमुख संस्थान हैं:

    • इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (IHM), पूसा, नई दिल्ली

    • इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (IHM), मुंबई

    • इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (IHM), बैंगलोर

    • इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (IHM), हैदराबाद

    • इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (IHM), कोलकाता

    • इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (IHM), चेन्नई

    • ओबेरॉय सेंटर ऑफ लर्निंग एंड डेवलपमेंट (OCLD)

    • वेलकमग्रुप ग्रेजुएट स्कूल ऑफ होटल एडमिनिस्ट्रेशन (WGSHA), मणिपाल

    • ले मेरीडियन होटल स्कूल, नई दिल्ली

    • अशोक इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म मैनेजमेंट, नई दिल्ली

    इन संस्थानों में उपलब्ध कोर्स, प्रवेश योग्यता और अवधि अलग-अलग हो सकती है। शेफ बनने के इच्छुक विद्यार्थियों को संस्थान चुनते समय क्यूलिनरी ट्रेनिंग, प्रैक्टिकल अनुभव, इंटर्नशिप और प्लेसमेंट पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

    ये भी पढ़ें :एयर होस्टेस कैसे बनें? : योग्यता, कोर्स, फीस, चयन प्रक्रिया, सैलरी और करियर की पूरी जानकारी

    शेफ बनने के लिए जरूरी स्किल्स

    एक सफल शेफ बनने के लिए निम्नलिखित स्किल्स उपयोगी होती हैं:

    • खाना बनाने और नई रेसिपी तैयार करने की क्षमता

    • क्रिएटिविटी

    • फूड प्रेजेंटेशन की समझ

    • फूड सेफ्टी और हाइजीन

    • टाइम मैनेजमेंट

    • टीमवर्क

    • किचन मैनेजमेंट

    • कम्युनिकेशन स्किल्स

    • दबाव में काम करने की क्षमता

    शेफ के कितने प्रकार होते हैं?

    हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री में शेफ की अलग-अलग भूमिकाएं होती हैं। प्रमुख प्रकार हैं:

    • Executive Chef: पूरे किचन और फूड ऑपरेशन की देखरेख करता है।

    • Sous Chef: Executive Chef की सहायता करता है और किचन के दैनिक संचालन को संभालता है।

    • Chef de Partie: किचन के किसी विशेष सेक्शन की जिम्मेदारी संभालता है।

    • Commis Chef: शुरुआती स्तर का पद है, जहां नए प्रोफेशनल अनुभव प्राप्त करते हैं।

    • Pastry Chef: केक, पेस्ट्री, ब्रेड और डेजर्ट बनाने में विशेषज्ञ होता है।

    • Chef de Cuisine: किसी विशेष किचन या रेस्टोरेंट की कुकिंग गतिविधियों की जिम्मेदारी संभालता है।

    • Saucier: सॉस और ग्रेवी बनाने में विशेषज्ञ होता है।

    • Garde Manger Chef: सलाद और अन्य कोल्ड डिश तैयार करता है।

    • Personal Chef: किसी व्यक्ति या परिवार के लिए उनकी पसंद के अनुसार भोजन तैयार करता है।

    • Private Chef: किसी विशेष क्लाइंट या परिवार के लिए नियमित रूप से भोजन तैयार करता है।

    शेफ का क्या काम होता है?

    शेफ का मुख्य काम स्वादिष्ट, गुणवत्तापूर्ण और आकर्षक भोजन तैयार करना तथा किचन के काम को व्यवस्थित तरीके से संभालना है। इसके अलावा शेफ भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और किचन स्टाफ की निगरानी भी करता है।

    शेफ के प्रमुख कामों में शामिल हैं:

    • अलग-अलग प्रकार के व्यंजन तैयार करना।

    • नई रेसिपी विकसित करना।

    • भोजन के स्वाद, गुणवत्ता और प्रस्तुति की जांच करना।

    • खाद्य सामग्री की तैयारी करवाना।

    • किचन स्टाफ को काम बांटना और उनकी निगरानी करना।

    • फूड सेफ्टी और हाइजीन सुनिश्चित करना।

    • मेन्यू तैयार करने में मदद करना।

    • खाद्य सामग्री और किचन सप्लाई का प्रबंधन करना।

    • ग्राहकों की पसंद के अनुसार भोजन तैयार करना।

    • व्यस्त समय में टीम के साथ मिलकर ऑर्डर समय पर तैयार करना।

    शेफ कहां काम कर सकते हैं?

    शेफ के लिए होटल और रेस्टोरेंट के अलावा कई क्षेत्रों में करियर के अवसर मिल सकते हैं। इनमें शामिल हैं:

    • होटल और रिसॉर्ट

    • रेस्टोरेंट और कैफे

    • क्रूज शिप

    • एयरलाइन कैटरिंग

    • हॉस्पिटल और संस्थागत कैटरिंग

    • क्लाउड किचन

    • फूड प्रोडक्शन कंपनियां

    • कैटरिंग कंपनियां

    अनुभव हासिल करने के बाद शेफ अपना रेस्टोरेंट, कैफे या कैटरिंग बिजनेस भी शुरू कर सकते हैं।

    ये भी पढ़ें :

    Chef Salary in India 2026: शेफ की सैलरी कितनी होती है?

    Chef Salary in India 2026: भारत में शेफ की सैलरी उनके पद, अनुभव, कुकिंग स्पेशलाइजेशन, शहर और होटल या रेस्टोरेंट के स्तर पर निर्भर करती है। Indeed के अनुसार, मई 2026 तक भारत में शेफ की औसत बेस सैलरी करीब ₹19,767 प्रति माह थी।

    हालांकि, करियर की शुरुआत से लेकर Executive Chef के स्तर तक सैलरी में काफी अंतर हो सकता है। 2026 के विभिन्न इंडस्ट्री salary benchmarks के अनुसार, शुरुआती Commis Chef को लगभग ₹10,000–₹25,000 प्रति माह मिल सकते हैं, जबकि अनुभवी Executive Chef की कमाई ₹1.5 लाख से ₹4 लाख या इससे अधिक प्रति माह तक पहुंच सकती है।

    पद के अनुसार Chef Salary in India 2026

    शेफ का पद

    अनुमानित मासिक सैलरी

    Commis Chef

    ₹10,000–₹25,000

    Demi Chef de Partie

    ₹22,000–₹45,000

    Chef de Partie

    ₹20,000–₹60,000

    Sous Chef

    ₹45,000–₹1.20 लाख

    Head Chef

    ₹80,000–₹1.80 लाख

    Executive Chef

    ₹1.50 लाख–₹4 लाख+

    ये वेतन अनुमान हैं और वास्तविक सैलरी नियोक्ता, शहर, अनुभव, होटल की कैटेगरी और उम्मीदवार की स्किल्स के अनुसार अलग हो सकती है। विभिन्न 2026 salary sources में पदों के लिए अलग-अलग ranges दी गई हैं।

    Fresher Chef की सैलरी कितनी होती है?

    शेफ के रूप में करियर की शुरुआत आमतौर पर Commis Chef के पद से होती है। फ्रेशर्स को लगभग ₹10,000 से ₹25,000 प्रति माह की शुरुआती सैलरी मिल सकती है। अच्छी शैक्षणिक योग्यता, बड़े होटल या बेहतर लोकेशन में नौकरी मिलने पर शुरुआती वेतन इस range के ऊपरी हिस्से में हो सकता है।

    अनुभव के साथ बढ़ती है शेफ की सैलरी

    शेफ के करियर में अनुभव के साथ पद और जिम्मेदारियां बढ़ती हैं। उदाहरण के लिए, Chef de Partie के बाद Sous Chef और फिर Head Chef या Executive Chef के पद तक पहुंचा जा सकता है। 2026 के उपलब्ध सैलरी बेंचमार्क में Sous Chef के लिए लगभग ₹45,000–₹1.20 लाख और Executive Chef के लिए ₹1.5 लाख–₹4 लाख+ प्रति माह तक की रेंज देखी जाती हैं।

    शेफ की सैलरी को प्रभावित करने वाले कारक

    शेफ की कमाई मुख्य रूप से इन कारकों पर निर्भर करती है:

    • शैक्षणिक योग्यता और Culinary Certification

    • काम का अनुभव

    • शेफ का पद और जिम्मेदारी

    • शहर और लोकेशन

    • होटल/रेस्टोरेंट का स्तर

    • कुकिंग स्पेशलाइजेशन

    • भारतीय या अंतरराष्ट्रीय व्यंजनों में विशेषज्ञता

    • संवाद और किचन मैनेजमेंट स्किल

    इसके अलावा, कुछ संगठित होटल और हॉस्पिटैलिटी संस्थानों में आवास, कर्मचारियों के लिए भोजन, सेवा शुल्क, भविष्य निधि (पीएफ), कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई), चिकित्सा बीमा और परिवहन जैसी सुविधाएं भी मिल सकती हैं।

    5-स्टार होटल में शेफ की सैलरी

    5-स्टार होटल और लक्जरी हॉस्पिटैलिटी ब्रांड में शेफ को सामान्य रेस्टोरेंट की तुलना में बेहतर वेतन और सुविधाएं मिल सकती हैं। उपलब्ध 2026 बेचमार्क के अनुसार, Commis Chef से Executive Chef तक वेतन में काफी अंतर होता है। कुछ लक्जरी होटल में Executive Chef का वेतन ₹2 लाख से ₹4 लाख+ प्रति माह तक पहुंच सकता है।

    नोट: ऊपर दिए गए सभी सैलरी आंकड़े अनुमानित हैं। वास्तविक वेतन कंपनी, शहर, होटल की कैटेगरी, उम्मीदवार के अनुभव और अन्य लाभ के आधार पर अलग-अलग हो सकता है।

    मास्टर शेफ क्या होता है?

    मास्टर शेफ आमतौर पर ऐसे अनुभवी और कुशल शेफ के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द है, जिसने खाना बनाने की कला में उच्च स्तर की विशेषज्ञता हासिल की हो। वह विभिन्न प्रकार के व्यंजन तैयार करने के साथ किचन की व्यवस्था और अन्य शेफ की निगरानी भी कर सकता है।

    शेफ बनने के फायदे

    शेफ के रूप में करियर बनाने पर रचनात्मकता का इस्तेमाल करने और अलग-अलग प्रकार के व्यंजन सीखने का अवसर मिलता है। भारत के साथ-साथ विदेशों में भी हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री में काम करने के अवसर मिल सकते हैं। अनुभव के बाद अपना फूड बिजनेस शुरू करने का विकल्प भी मौजूद रहता है।

    खाना बनाने और हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों के लिए शेफ एक अच्छा करियर विकल्प हो सकता है। 10वीं या 12वीं के बाद संबंधित कोर्स करने, प्रैक्टिकल ट्रेनिंग लेने और किचन में अनुभव हासिल करने से इस क्षेत्र में करियर की शुरुआत की जा सकती है। कुकिंग स्किल्स के साथ फूड सेफ्टी, क्रिएटिविटी, टीमवर्क और टाइम मैनेजमेंट पर ध्यान देना भी जरूरी है।

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