KCC Institute of Legal and Higher Education, Greater Noida
Law Admissions 2026 Open | Avail Merit-Based Scholarships
क्या आप 12वीं के बाद स्वास्थ्य और दवा उद्योग से जुड़ा करियर चाहते हैं? अगर हां तो डी फार्मा यानि डिप्लोमा इन फार्मेसी आपके लिए एक मजबूत शुरुआत हो सकती है। Careers360 के इस लेख में जानिए डी फार्मा कोर्स से जुड़े हर सवाल का जवाब, जैसे- डी फार्मा क्या होता है या डी फार्मा क्या है (d pharma kya hota hai), डी फार्मा कितने साल का होता है (d pharma kitne saal ka hota hai), डी फार्मा कोर्स फीस (d pharma course fees), डी फार्मा का सिलेबस (d pharma ka syllabus), डी फार्मा एडमिशन, डी फार्मा के बाद करियर और डी फार्मा के बाद वेतन कितना मिलता है आदि।
यह भी पढ़ें- डी. फार्मा. के बारे में जानें
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डी. फार्मा (फार्मेसी में डिप्लोमा) एक दो वर्षीय डिप्लोमा स्तर का पाठ्यक्रम है। यह उन उम्मीदवारों के लिए है जो फार्मेसी का अध्ययन कर चिकित्सा क्षेत्र में करियर शुरू करना चाहते हैं। फार्मेसी चिकित्सा का वह क्षेत्र है जिसमें विभिन्न उपचारों के लिए दवाओं की तैयारी, वितरण और उचित उपयोग शामिल है। कोर्स पूरा करने के बाद उम्मीदवार भारत में पंजीकृत फार्मासिस्ट बनने के पात्र हो जाते हैं।
डी फार्मा क्या है: यह भी जानना जरूरी-
डी. फार्मा केवल उन्हीं कॉलेजों और संस्थानों में कराया जा सकता है जो फार्मेसी अधिनियम, 1948 की धारा 12 की उप-धारा 1 के तहत फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) से अनुमोदित हैं।
पीसीआई भारत में फार्मेसी शिक्षा की नियामक संस्था है।
डी. फार्मा में कोई विशेषज्ञता नहीं होती। यह कोर्स छात्रों को फार्मास्युटिकल विज्ञान की बुनियादी अवधारणाओं की जानकारी देता है।
यह कोर्स फार्मास्यूटिकल कंपनियों में प्रवेश स्तर की नौकरी के लिए जरूरी ज्ञान और कौशल प्रदान करता है।
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मुख्य बिंदु | विवरण |
कोर्स लेवल | डिप्लोमा |
फुल फॉर्म | डिप्लोमा इन फार्मेसी |
कोर्स की अवधि | दो वर्ष |
पात्रता | 10+2 / इंटरमीडिएट पास |
प्रवेश प्रक्रिया | GPAT, NEET, AU AIMEE, CPMT, PMET |
जॉब देने वाली प्रमुख संस्थाएं | मैनकाइंड, सन फार्मास्युटिकल्स इंडस्ट्रीज लिमिटेड, सिप्ला, इंटास बायो फार्मास्युटिकल्स |
कोर्स से करियर | फार्मासिस्ट, साइंटिफिक ऑफिसर, प्रोडक्शन एग्जीक्यूटिव, मेडिकल ट्रांसक्रिप्शनिस्ट, क्वालिटी एनालिस्ट व अन्य |
कोर्स फीस | 10,000 से 1,00,000 रुपये |
औसत वेतन | 5 लाख रुपये प्रति वर्ष |
अक्सर पूछा जाता है कि डी फार्मा कितने साल का होता है (d pharma kitne saal ka hota hai)। इसका सीधा जवाब है: डी फार्मा दो वर्ष का कोर्स है। पूरा पाठ्यक्रम दो हिस्सों (फर्स्ट ईयर और सेकेंड ईयर) में बंटा है, ताकि विद्यार्थी दो साल में सभी विषय पूरे कर सकें।
डी फार्मा पात्रता मानदंड (D Pharma Course After 12th Eligibility)
डी फार्मा में दाखिले के लिए उम्मीदवार को ये शर्तें पूरी करनी होंगी:
क्रम | पात्रता शर्त |
1 | 12वीं पास छात्र आवेदन के पात्र हैं |
2 | 12वीं में साइंस स्ट्रीम होना अनिवार्य है |
3 | आयु 17 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए |
4 | न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ पीसीएम/पीसीबी में 12वीं उत्तीर्ण होना चाहिए |
अलग-अलग कॉलेज उम्मीदवारों को चुनने के लिए अलग तरीके अपनाते हैं। डी फार्मा एडमिशन मुख्य रूप से तीन रास्तों से मिलता है:
प्रवेश का तरीका | कैसे काम करता है |
प्रवेश परीक्षा | कॉलेजों द्वारा उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग का सबसे लोकप्रिय तरीका। परीक्षा में मिले अंक शीर्ष रैंक वाले कॉलेजों में दाखिले में मदद करते हैं। |
योग्यता आधारित (12वीं का परिणाम) | सभी कॉलेज प्रवेश परीक्षा नहीं लेते। कई कॉलेज 12वीं में मिले अंकों के आधार पर प्रवेश देते हैं। मानदंड हर कॉलेज में अलग होते हैं। |
सीधा प्रवेश (डायरेक्ट एडमिशन) | कुछ कॉलेजों में सीधे प्रवेश का विकल्प भी है। मानदंड हर कॉलेज में अलग हैं। |
सलाह: आवेदन से पहले कॉलेज के कोर्स संबंधी विवरण और प्रवेश मानदंड अच्छी तरह पढ़ लें, ताकि बाद में किसी भ्रम से बचा जा सके।
12वीं के बाद फार्मेसी के लिए कई प्रवेश परीक्षाएं केंद्र और राज्य सरकारें आयोजित करती हैं। इन परीक्षाओं को पास करने के बाद ही उम्मीदवारों को टॉप कॉलेजों में प्रवेश मिलता है।
परीक्षा | आयोजक और खास बातें |
पश्चिम बंगाल संयुक्त प्रवेश परीक्षा (WBJEE) | पश्चिम बंगाल संयुक्त प्रवेश परीक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय परीक्षा, जो इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी, फार्मेसी और वास्तुकला जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए होती है। फार्मेसी के उम्मीदवारों को भौतिकी और रसायन विज्ञान के साथ गणित / जैव प्रौद्योगिकी / जीवविज्ञान / कंप्यूटर विज्ञान / कंप्यूटर अनुप्रयोगों में से किसी एक विषय के साथ 10+2 उत्तीर्ण करना होता है। |
ओडिशा संयुक्त प्रवेश परीक्षा (OJEE) | ओडिशा संयुक्त प्रवेश परीक्षा बोर्ड (ओजेईईबी) द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय परीक्षा। सरकारी, मेडिकल और अन्य प्रबंधन संस्थान इसके अंकों के आधार पर प्रवेश देते हैं। यह परीक्षा देश के सभी प्रमुख शहरों में होती है। |
गोवा कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (GCET) | गोवा सरकार के विनियमन के तहत तकनीकी शिक्षा निदेशालय (डीटीई) द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय परीक्षा। यह नर्सिंग, फार्मेसी, इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर और कई अन्य डिग्री पाठ्यक्रमों के लिए होती है। |
हिमाचल प्रदेश संयुक्त प्रवेश परीक्षा | हमीरपुर स्थित हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय (एचपीटीयू) द्वारा वर्ष में एक बार ऑफलाइन (पेन और पेपर) मोड में आयोजित राज्य स्तरीय परीक्षा। प्रश्न पत्र में चार विकल्पों वाले बहुविकल्पीय प्रश्न होते हैं, जिनमें केवल एक सही उत्तर होता है। |
शिक्षा 'ओ' अनुसंधान विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (SAAT) | शिक्षा 'ओ' अनुसंधान विश्वविद्यालय, भुवनेश्वर द्वारा इंजीनियरिंग, कानून, प्रबंधन, फार्मेसी और अन्य विषयों में प्रवेश के लिए हर साल आयोजित राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा। |
किसी भी कोर्स के लिए शीर्ष संस्थानों की जानकारी जरूरी है। राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) पर आधारित शीर्ष दस कॉलेज:
क्रम | कॉलेज / संस्थान |
1 | जामिया हमदर्द विश्वविद्यालय, दिल्ली |
2 | नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, हैदराबाद |
3 | यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज, चंडीगढ़ |
4 | मणिपाल कॉलेज ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज, कर्नाटक |
5 | नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, मोहाली |
6 | जेएसएस कॉलेज ऑफ फार्मेसी, मैसूर |
7 | इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी, मुंबई |
8 | बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, रांची |
9 | बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, फार्मेसी, पिलानी |
10 | नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, गुजरात |
डी फार्मा कोर्स की फीस (D Pharma Course Fees / डी फार्मा कोर्स की फीस)
डी फार्मा कोर्स की फीस सामान्यतः 10,000 से 1,00,000 रुपये के बीच रहती है। यह कॉलेज और संस्थान के अनुसार बदलती है, इसलिए एडमिशन से पहले संबंधित कॉलेज से फीस की पुष्टि जरूर करें।
अगर आप डी फार्मा फर्स्ट ईयर सिलेबस पीडीएफ (d pharma 1st year syllabus in hindi pdf) खोज रहे हैं, तो पहले यह जान लें कि पाठ्यक्रम में कौन-कौन से विषय हैं। दो साल का सिलेबस नीचे टेबल में दिया गया है:
फर्स्ट ईयर | सेकेंड ईयर |
फार्मास्यूटिक्स I | फार्मास्यूटिक्स II |
फार्मास्यूटिकल केमिस्ट्री I | फार्मास्यूटिकल केमिस्ट्री II |
फार्माकोग्नॉसी | फार्माकोलॉजी एंड टॉक्सिकोलॉजी |
बायोकेमिस्ट्री एंड क्लीनिकल पैथोलॉजी | फार्मास्यूटिकल ज्यूरिस्प्रूडेंस |
ह्यूमन एनाटॉमी एंड फिजियोलॉजी | ड्रग स्टोर एंड बिजनेस मैनेजमेंट |
हेल्थ एजुकेशन एंड कम्युनिटी फार्मेसी | हॉस्पिटल एंड क्लीनिकल फार्मेसी |
सिलेबस की पीडीएफ के लिए अपने कॉलेज या संबंधित बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट देखें।
फार्मेसी के समग्र पाठ्यक्रमों में ये विशेषज्ञताएं शामिल हैं:
क्लीनिकल फार्मेसी | फार्मास्यूटिकल केमिस्ट्री | फार्माकोग्नॉसी |
फार्मास्यूटिकल टेक्नोलॉजी | मैनेजमेंट फार्मेसी | प्रैक्टिस फार्मास्यूटिकल |
मेडिसिनल केमिस्ट्री | फाइटोफार्मास्यूटिकल्स एंड नेचुरल प्रोडक्ट्स | फार्मास्यूटिक्स |
ड्रग डिस्कवरी एंड डेवलपमेंट | बायोफार्मास्यूटिक्स | बल्क ड्रग्स |
ड्रग रेगुलेटरी अफेयर्स | क्वालिटी एश्योरेंस | फार्माकोलॉजी |
फार्मास्यूटिकल मार्केटिंग | इंडस्ट्रियल फार्मेसी |
पंजीकृत फार्मासिस्ट बनने का मौका: कोर्स पूरा करने के बाद आप भारत में पंजीकृत फार्मासिस्ट बनने के पात्र हो जाते हैं।
सरकारी और निजी, दोनों जगह अवसर: सरकारी और निजी अस्पतालों की दवा दुकानों, स्वास्थ्य क्लीनिकों, गैर सरकारी संगठनों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में काम मिल सकता है।
कंपनियों में प्रवेश स्तर की नौकरी: फार्मास्यूटिकल कंपनियों में प्रक्रिया नियंत्रण, विनिर्माण और गुणवत्ता नियंत्रण जैसे विभागों में काम के मौके हैं।
मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव बनने का विकल्प: कोर्स के बाद मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के रूप में भी काम किया जा सकता है।
अपना कारोबार शुरू करने की आजादी: आप अपना रिटेल फार्मेसी आउटलेट, थोक व्यवसाय या सर्जिकल आइटम की दुकान खोल सकते हैं।
आगे पढ़ाई का रास्ता खुला: पार्श्व प्रवेश योजना (लेटरल एंट्री) से सीधे बी फार्मा के दूसरे वर्ष में दाखिला मिल सकता है।
डी. फार्मा पूरा करने के बाद सार्वजनिक और निजी दोनों संगठनों में काम के अवसर मिलते हैं। भारत में फार्मास्युटिकल क्षेत्र में बहुत सारी कंपनियां हैं जो डिप्लोमा धारकों को नौकरी देती हैं।
क्षेत्र | काम का स्वरूप |
अस्पताल और दवा दुकानें (सरकारी/निजी) | नुस्खे की जांच, दवाइयां वितरित करना, सलाह और निर्देश देना |
क्लीनिक, एनजीओ, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र | नुस्खे की जांच, दवा वितरण, परामर्श |
फार्मास्यूटिकल कंपनियां | प्रक्रिया नियंत्रण, विनिर्माण, गुणवत्ता नियंत्रण में प्रवेश स्तर की नौकरी |
बिक्री और विपणन | मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव समेत अन्य पद |
स्वरोजगार | रिटेल फार्मेसी आउटलेट, थोक व्यवसाय, सर्जिकल आइटम की दुकान |
शुरुआत में वेतन उम्मीदवार की योग्यता, पारस्परिक कौशल, नियोक्ता की प्रोफाइल, नौकरी प्रोफाइल और स्थान के आधार पर 8,000 से 20,000 रुपये प्रति माह तक होता है।
कोर्स के बाद आपके पास दो मुख्य रास्ते होते हैं: उच्च शिक्षा या फार्मेसी के प्रवेश स्तर पर नौकरी।
बी फार्मा (B Pharma): पार्श्व प्रवेश योजना के जरिए डी फार्मा के बाद सीधे बी फार्मा के दूसरे वर्ष में प्रवेश मिल सकता है।
आगे की पढ़ाई: स्नातक की डिग्री के बाद स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम और फिर शोधकर्ता और विश्लेषक बनने के लिए डॉक्टरेट पाठ्यक्रम किए जा सकते हैं।
नौकरी के क्षेत्र: फार्मास्युटिकल उद्योग, सरकारी विभाग, अस्पताल, अनुसंधान संस्थान और फार्मेसियां।
बिक्री और विपणन: यह क्षेत्र भी बड़ी संख्या में फार्मेसी स्नातकों को नियुक्त करता है।
अपनी दुकान: मेडिसिन काउंसिल में पंजीकरण के बाद केमिस्ट/दवा की दुकान खोलकर डॉक्टर के नुस्खे के अनुसार दवाएं बेची जा सकती हैं।
भारत में बड़ी दवा कंपनियों के खुलने से फार्मेसी क्षेत्र का भविष्य उज्ज्वल माना जाता है।
कोर्स पूरा होने के बाद वेतन अनुभव के साथ बढ़ता है:
अनुभव का स्तर | वार्षिक वेतन (लगभग) |
प्रवेश स्तर (एक वर्ष से कम अनुभव) | 1,95,000 रुपये |
मध्य स्तर (5 से 7 साल का अनुभव) | 3,00,000 रुपये |
9 से 10 साल का अनुभव | 3,25,000 रुपये |
वेतन नियोक्ता प्रोफाइल, नौकरी स्थान और नौकरी प्रोफाइल पर निर्भर करता है, और शहरों व अस्पतालों के अनुसार बदल सकता है।
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